हाथ ने रोजगार मांगा थमा दो झाड़ू उसे।
दवा भी गर मुफ्त मांगी दो जरा दारू उसे।।
चुन सभी ने दी अगर सत्ता तुम्हारे हाथ में
सात फेरे मत समझना या कि मेहरारू उसे।
कैसे करे जनता तेरे उपचार पर विश्वास भी
आजतक सबने बनाया सिर्फ बीमारू उसे।
अच्छे दिनों का स्वप्न सीने से सटाए डोलती
खूब तूने अब बनाया स्वच्छ कंगारू उसे।
हवन को तैयार हालत में रहेगा देश जबतक
मुद्दे बहुत मिलते रहेंगे खूब घीढारू उसे।
कहता रहेगा दर्श गज़लें सुबह होने तक यहाँ
लोग कितना भी कहें मुंहफट गलाफाड़ू उसे।
-----२९ मई २०१८, वास्को दा गामा, गोवा।
दवा भी गर मुफ्त मांगी दो जरा दारू उसे।।
चुन सभी ने दी अगर सत्ता तुम्हारे हाथ में
सात फेरे मत समझना या कि मेहरारू उसे।
कैसे करे जनता तेरे उपचार पर विश्वास भी
आजतक सबने बनाया सिर्फ बीमारू उसे।
अच्छे दिनों का स्वप्न सीने से सटाए डोलती
खूब तूने अब बनाया स्वच्छ कंगारू उसे।
हवन को तैयार हालत में रहेगा देश जबतक
मुद्दे बहुत मिलते रहेंगे खूब घीढारू उसे।
कहता रहेगा दर्श गज़लें सुबह होने तक यहाँ
लोग कितना भी कहें मुंहफट गलाफाड़ू उसे।
-----२९ मई २०१८, वास्को दा गामा, गोवा।
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