आज हवा ने मेरा रस्ता रोका ।
आगे है जैसै कोई बड़ा धोखा ।।
अब कदम रख ही दिया है मैंने ,
देखा जाएगा अब जो भी होगा ।
नाव है यह मेरी, विश्वास की है
मुझे मेरी नाव पर पूरा भरोसा ।
चुप रहूं कैसे, तेरी खामोशी पर
तेरी खामोशी ने ही दिया मौका ।
ऐसा लगता है कि बवंडर हूँ मैं,
मेरे अंदर जो उठा है झोंका ।
तेरे सवालों ने तोड़ दिया मुझको
टुकड़ों-टुकड़ों में इसलिए सोचा।
एक ही था रस्ता वहां तक का,
जाना उसी ने बस चला जो था।
------------------3 मार्च 2018,
वास्को दा गामा, गोवा ।
आगे है जैसै कोई बड़ा धोखा ।।
अब कदम रख ही दिया है मैंने ,
देखा जाएगा अब जो भी होगा ।
नाव है यह मेरी, विश्वास की है
मुझे मेरी नाव पर पूरा भरोसा ।
चुप रहूं कैसे, तेरी खामोशी पर
तेरी खामोशी ने ही दिया मौका ।
ऐसा लगता है कि बवंडर हूँ मैं,
मेरे अंदर जो उठा है झोंका ।
तेरे सवालों ने तोड़ दिया मुझको
टुकड़ों-टुकड़ों में इसलिए सोचा।
एक ही था रस्ता वहां तक का,
जाना उसी ने बस चला जो था।
------------------3 मार्च 2018,
वास्को दा गामा, गोवा ।
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