तू है कातिल , तेरी अदा कातिल।
जैसे हो खुद ही मेरा खुदा कातिल।।
जान उनसे बची तो ले लेना तुम
पहले तो उनसे मुझे बचा कातिल।
रोज मरने की मुझे लत-सी लगी है
तेरी तलवार में भी है नशा कातिल।
वो भी अब मरने की तैयारी कर लें,
पूछता उनका भी है पता कातिल।
किसकी बारी,अभी आगाह कर दूं,
शिकार अगला जरा बता कातिल।
सबूत मिटता है नहीं मेरे मिटने का
चाहे जितना भी उसे मिटा कातिल।
अब जभी हो मौज तेरी, देना गिरा
मैंने सर कब से दिया झुका कातिल।
खुदी मेरी भी उड़ी है खाक बनके
अब तो परदा जरा उठा कातिल।
--17 मार्च 2018
वास्को दा गामा ,
गोवा ।
जैसे हो खुद ही मेरा खुदा कातिल।।
जान उनसे बची तो ले लेना तुम
पहले तो उनसे मुझे बचा कातिल।
रोज मरने की मुझे लत-सी लगी है
तेरी तलवार में भी है नशा कातिल।
वो भी अब मरने की तैयारी कर लें,
पूछता उनका भी है पता कातिल।
किसकी बारी,अभी आगाह कर दूं,
शिकार अगला जरा बता कातिल।
सबूत मिटता है नहीं मेरे मिटने का
चाहे जितना भी उसे मिटा कातिल।
अब जभी हो मौज तेरी, देना गिरा
मैंने सर कब से दिया झुका कातिल।
खुदी मेरी भी उड़ी है खाक बनके
अब तो परदा जरा उठा कातिल।
--17 मार्च 2018
वास्को दा गामा ,
गोवा ।
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