आप
जो मेरे तलवों तले हैं ।
देखिए
जो मेरे उल्टे चले हैं,
सर से पांव तक गले हैं,
फिर
आप तो भले हैं ,
जानते हैं जीवन के
ढंग और ढोंग
सुयोग - दुर्योग
तभी तो आपको
ये पैर न खले हैं ।
आप कितने भले हैं ।
( कॉलेज के दिनों की रचना )
--------पुनर्संकलित
26 मार्च 2018
वास्को दा गामा, गोवा।
जो मेरे तलवों तले हैं ।
देखिए
जो मेरे उल्टे चले हैं,
सर से पांव तक गले हैं,
फिर
आप तो भले हैं ,
जानते हैं जीवन के
ढंग और ढोंग
सुयोग - दुर्योग
तभी तो आपको
ये पैर न खले हैं ।
आप कितने भले हैं ।
( कॉलेज के दिनों की रचना )
--------पुनर्संकलित
26 मार्च 2018
वास्को दा गामा, गोवा।
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