खबर है सारे सितारे कल जमीं पर आएंगे।
आसमां वे लौटकर वापस नहीं फिर जाएंगे।।
आसमां में नफरतों की आग कब की बुझ गई
हम जमीवाले , न जाने , होश में कब आएंगे।
रोशनी की आहटें जो सुन अभी - भी सो रहे
वक्त पे सूरज कभी पहचान वे क्या पाएंगे ?
फूल पत्थर पे चढ़ा हासिल हुआ है क्या कभी
फूल पर अब पत्थरों को हम चढ़ाकर आएंगे।
जिंदगी -भर खाक छानी सोचकर ये ही सदा
खाक से निकले हुए हैंं खाक में मिल जाएंगे।
2122. 2122. 2122 . 212
1st August 2018.
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